अकल राम की अकल कमाल की है,,,,,,, गंगाराम मुंबई की सैर करके जब वापस गाव पहुंचे तो लोगो ने घेर लिया - मुम्बई कैसी है? हमे भी उसका हल सुनाओ। गंगाराम हुक्का गुदगुदाकर बोला - मुम्बई है तो जोरदार नगरी, पर वहा की सरकार बड़ी कंजूश है। पता है एक ड्राइवर की सैलरी बचाने के लिए बस के ऊपर , बस रखकर चलती है। हां।।